नई दिल्ली घोषणापत्र के बाद भारत के कूटनीतिक और आर्थिक विशेषज्ञों में दो अलग-अलग राय देखने को मिल रही है। 11 ऐसे देशों, जिनमें ईरान-UAE या चीन-भारत जैसे विरोधी हित वाले देश शामिल हैं, को एक साझा बयान पर दस्तखत कराना भारत के लिए एक बड़ी कूटनीतिक सफलता है।

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